
मूलभूत सुविधाओं के आभाव में संचालित हो रहा है कोनचरा का हाईस्कूल
बिजली, पानी और शौचालय नहीं होने के कारण हो रही है असुविधा
एक प्रिंसपल और एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है स्कूल
१०५ छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में,
बिलासपुर. कोटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोनचरा के हाईस्कूल में न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही मूलभूत सुविधा। बिना बिजली, पानी और शौचालय के यहां १०५ छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। जनदर्शन में कोनचरा के युवाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समुचित व्यवव्था की मांग की है। कलेक्टर ने जल्द ही व्यवस्था में सुधार लाने का आश्वासन दिया है।
बेलगहना से 6 किलो मीटर की दूरी पर ग्राम कोनचरा है। यहां संकुल शिक्षा के अंतर्गत हाईस्कूल का निर्माण किया गया है। ताकि ग्रामीण छात्र-छात्राए अध्ययन कर सके। किंतु समस्या यह है कि यहां एक प्रिंसपल और एक शिक्षक के भरोसे १०५ बच्चे पढ़ रहे हैं। स्कूल में बच्चों को पीने के लिए पानी तब नसीब नहीं हो रहा है। वहीं शौचालय नहीं होने के कारण जंगल जाना पड़ रहा है। स्कूल बंद होने के बाद रात में आसामाजिक तत्व डेरा जमाकर नशाखोरी करते हैं। पूर्व में दो बार स्कूल में तोडफ़ोड़ और चोरी की घटना भी हो चुकी है।
ज्ञापन सौंपने आये युवकों ने जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी है।
अनहोनी को नेवता
ज्ञापन में युवाओं ने बताया है कि ग्राम कोनचरा और स्कूल की दूरी लगभी डेढ़ किमी है। छात्र-छात्राओं को शौचालय के अभाव में जंगल की ओर जाना पड़ता है जहां कभी अप्रिय घटना हो सकता है। बरसात के समय में ज्यादा समस्या हो रही है। खासकर छात्राओं के अभिभावक स्कूल के अव्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।
शराबियों ने बना लिया है अड्डा
शाम होते ही स्कूल को आसामाजिक तत्व के लोग शराब पीने का अड्डा बना लेते हैं। शराब के नशे में तोडफ़ोड़ करते हैं। बिजली पानी के अलावा यहां साफ-सफाई नहीं होती है। जिसके चलते चारों ओर गंदगी पसरी हुई है।
शाला विकास के लिए हर वर्ष फंड का है प्रावधान
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से स्कूल का संचालन हो रहा है। यहां पानी, बिजली और खासकर शौचालय निर्माण को लेकर आज तक स्कूल प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जबकि हर वर्ष सुविधाओं का विस्तार करने के लिए फंड जारी किया जाता है।