
छत्तीसगढ़ सरकारी समिति कर्मचारी महासंघ और,
छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ के बैनर तले
प्रदेश भर के कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर उतर आए हैं।
बिलासपुर छत्तीसगढ़……
धान खरीदी छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे बड़ी कृषि नीति और जनकल्याण योजना मानी जाती है ऐसी हालत में 15000 से अधिक कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटरो का महा आंदोलन शुरू होना सरकार के लिए सीधी और खुली चुनौती है।
संघ के द्वारा कही गई बातें…
यदि हमारी चार सूत्रीय मांगे पूरी नहीं हुई तो धान खरीदी हम स्वयं रोक देंगे।
हमारी यह लड़ाई अब रोक नहीं रुकेगी शासन जितनी देरी करेगा, उतनी ही असंतोष की आग और बढ़ती जाएगी।
यदि आंदोलन का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया तो यह मामला राज्यवापी आर्थिक और राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है।
धान खरीदी की लागत का भुगतान..
मिलरों द्वारा समय पर उठाओ ना करने से समितियां को आर्थिक नुकसान होता रहा है संघ की मांग है कि संपूर्ण सुखद राशि समितियों को प्रदान की जाए।
नियतिकरण…
विभाग सीधी नियोजन करें और 2007 -08 से लगातार वर्षों से संविदा पर काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरो और कर्मचारीयों को नियमित करें।
प्रबंधकीय अनुदान…
प्रतिवर्ष 3-3 लाख रुपए का प्रबंधकीय अनुबान देने की मांग ताकि समय पर वेतन और संचालन खर्च पुरी की जा सके।
आरक्षण एवं महंगाई भत्ता…
भविष्य निधि, महंगाई भत्ता, बोनस अंक और बैंक केडर पदों में समिति कर्मचारियों के लिए 50% आरक्षण की अनुशंसा संघ ने सरकार से तत्काल लागू करने की मांग की है।