घरेलू गैस का उपयोग बेखौफ होकर कर रहे हैं इस्तेमाल
बिलासपुर…घरेलू गैस जहां सस्ती होती है। वहीं व्यावसायिक गैस महंगी होती है। इस कारण होटल और नाश्ता दुकान संचालकों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। नीले रंग के व्यावसायिक सिलेंडर का उपयोग होटलों, मिठाई विक्रेताओं, दुकानदारों द्वारा किया जाता है। वहीं लाल रंग के घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है। ढंक कर रखते हैं घरेलू गैस सिलेंडर अधिकतर होटल और नाश्ता दुकान संचालक अपनी दुकानों पर घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं। यह लोग दुकान में लगे घरेलू लाल रंग के सिलेंडर को ढंक कर उपयोग करते हैं। इससे यह सिलेंडर दिखाई नहीं देते हैं। वहीं कई दुकानदारों द्वारा सिर्फ दिखाने के लिए एक भट्टी जो बाहर होती है उस पर नीला सिलेंडर लगा दिया जाता है वहीं जो भट्टी दुकान के अंदर रहती हैं उनपर घरेलू सिलेंडर का उपयोग किया जाता है।
24 रुपए प्रति किलो गैस का अंतर होटल और चाय नाश्ता दुकानदारों द्वारा घरेलू गैस का उपयोग करने का प्रमुख कारण घरेलू गैस का सस्ता होना है। घरेलू गैस सिलेंडर में 14.2 किलो गैस आती है इसकी कीमत करीब 888 रुपए हैं। इस प्रकार घरेलू गैस का दाम करीब 63 रुपए प्रति किलो होता है। इसी प्रकार व्यावसायिक सिलेंडर में 19 किलो गैस आती है इसका दाम करीब 1654 है। इस प्रकार व्यावसायिक गैस करीब 87 रुपए प्रति किलो पड़ती है। इस तरह घरेलू गैस सिलेंडर का दाम करीब 24 रुपए प्रति किलो व्यावसायिक सिलेंडर से कम है। 24 रुपए प्रति किलो के दाम बचा रहे हैं।
वाहनों में भी हो रहा घरेलू गैस का उपयोग घरेलू रसोई गैस का उपयोग होटल और चाय नाश्ते की दुकानों के अलावा बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों में किया जा रहा है। वाहन संचालकों द्वारा चार पहिया वाहनों में रसोई गैस की किट लगाकर उनमें लगे गैस सिलेंडर में घरेलू गैस सिलेंडर से गैस भर कर इसका उपयोग किया जाता है।
घरेलू गैस से चल रहे वाहनों में वाहन चालक की जरा से लापरवाही के कारण आग लगने की आशंका रहती है। इसके बाद भी लोग नियम विरुद्ध तरीके से वाहनों में घरेलू गैस का उपयोग कर हादसे को आमंत्रित कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते ही धडल्ले से घरेलू रसोई गैस का उपयोग हो रहा है।
अब देखना यह है की अधिकारीगण नींद से कब जागेगी।