बिलासपुर। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम सेंदरी में गुरुवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब प्रशासन की टीम विवादित जमीन से कब्जा हटाने पहुंची। जानकारी के अनुसार एसडीएम मनीष साहू के निर्देश पर नायब तहसीलदार विभोर यादव, राजस्व निरीक्षक कुलदीप शर्मा और पटवारी अमित तिवारी की टीम मौके पर पहुंची थी। जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, किसानों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें इस कार्रवाई के संबंध में पहले कोई सूचना नहीं दी गई।
विवाद बढ़ता देख किसानों ने तहसीलदार के समक्ष गुहार लगाई कि उन्हें कब्जा हटाने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाए। अंततः प्रशासन ने कार्रवाई आगे बढ़ा दी और किसानों को स्वयं से कब्जा हटाने के लिए मोहलत दे दी।
एसडीएम मनीष साहू ने कहा कि सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन किसानों ने खुद से हटाने के लिए समय मांगा है, इसलिए एक सप्ताह बाद फिर कार्रवाई की जाएगी।
पुराना मामला
गौरतलब है कि ग्राम सेंदरी में किसान गेंदराम साहू ने गंभीर आरोप लगाए थे कि उनकी संयुक्त नाम पर दर्ज भूमि (खसरा नंबर 1307/1 और 1308) पर खड़ी फसल को बिल्डर आशीष मिश्रा ने जबरन पाटकर 50 फीट चौड़ी सड़क बना दी। किसान का कहना था कि यह पूरी कार्रवाई चोरी-छिपे और रात में की गई।
पीड़ित किसान ने इस मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय में दर्ज कराई थी। प्रारंभिक सुनवाई 27 जनवरी 2025 तय की गई थी, लेकिन निर्वाचन कार्य का हवाला देकर इसे 5 मार्च तक टाल दिया गया। इसके बीच 31 जनवरी को किसान की अपील भी खारिज कर दी गई।
कलेक्टर को की गई शिकायत में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि उक्त भूमि का खसरा नंबर 1307/1 और 1308 किसान गेंदराम साहू और चिरौंजी भाई के नाम पर दर्ज है। इसके बावजूद बिल्डर ने फसल नष्ट कर सड़क बना दी। वहीं, एसडीएम द्वारा जारी आदेश में जिन खसरा नंबरों (1493/1, 1221, 1222, 1322, 1320, 1309/1 और 1229/1) का उल्लेख किया गया, उनमें पहले से ही स्थायी मार्ग दर्ज है, जबकि किसान की जमीन का जिक्र नहीं था। यह मामला पिछली सुनवाई का था।
लेकिन आज उसे जगह पहुंचने पर किसानों ने हमें बताया कि जो प्रशासन से नोटिस या आदेश आता है तो हमें इस सूचना की जानकारी बहुत देर से दी जाती है।
अगली सुनवाई किसानों को 11 सितंबर 2025 को तारीख दी गई है। किसान अभी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और सरकार व प्रशासन से दोषी बिल्डर आशीष मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।