कलेक्टर एवं मुख्य अभियंता को दिया गया ज्ञापन…..

मुख्यमंत्री और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को संबोधित ज्ञापन
बिलासपुर…..
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में व्याप्त गंभीर समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को बिजली कर्मचारी संघ महासंघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने गेट मीटिंग व प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को संबोधित ज्ञापन जिलाधीश व मुख्य अभियंता को सौंपा।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि माँगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 9 अक्टूबर को कंपनी मुख्यालय रायपुर के समक्ष वृहद धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और कंपनी प्रबंधन की होगी।
मुख्य माँगें इस प्रकार
राज्य स्तर पर
पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू हो – राज्य सरकार की तरह पावर कंपनी में भी 01 अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण – वर्षों से कार्यरत संविदा लाइन कर्मचारियों को नियमित कर स्थायी दर्जा दिया जाए।
तकनीकी भत्ता – अधिकारियों की तरह तकनीकी कर्मचारियों को भी 3% तकनीकी भत्ता मिले।
कैरियर प्रोन्नयन योजना – चतुर्थ उच्चतर वेतनमान लागू कर कैरियर ग्रोथ सुनिश्चित की जाए।
स्टेगनेशन भत्ता – 3 की जगह 6 स्टेगनेशन अलाउंस दिए जाएँ।
रिक्त पदों पर भर्ती – तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के खाली पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।
आउटसोर्स कर्मियों को प्राथमिकता – भर्ती प्रक्रिया में वर्षों से काम कर रहे आउटसोर्स कर्मियों को प्राथमिकता मिले।
ठेका कर्मियों को वेतन सुरक्षा – हरियाणा सरकार की तर्ज पर ठेका कर्मियों का भुगतान सीधे कंपनी द्वारा कर 62 वर्ष तक नौकरी की गारंटी दी जाए।
राष्ट्रीय स्तर पर (केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को सौंपा ज्ञापन)
सभी राज्यों के बिजली कर्मियों के लिए OPS लागू हो।
“एक राष्ट्र-एक ग्रिड-एक सेवा नियम” लागू किया जाए।
उत्पादन, पारेषण व वितरण क्षेत्र के लिए नई त्रिपक्षीय औद्योगिक समिति गठित हो।
बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे।
ठेका/संविदा/आउटसोर्स प्रथा बंद कर समान कार्य हेतु समान वेतन व सामाजिक सुरक्षा मिले।
विद्युत अधिनियम 2003 पर श्वेत पत्र जारी कर संशोधन विधेयक 2023 पर पुनर्विचार हो।
आंदोलन का अगला चरण
संघ ने साफ किया है कि यदि माँगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 9 अक्टूबर 2025 को रायपुर मुख्यालय के सामने बड़े पैमाने पर घेराव-प्रदर्शन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी का कहना है –
“हम राष्ट्र और जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हमारी समस्याओं का समाधान न हुआ तो मजबूरन आंदोलन तेज करना पड़ेगा।”